सिराज साहिल
कांगे्रस महासचिव और अमेठी से सांसद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में कांगे्रस की वापसी के लिए जी तोड़ कोशिश में जुटे हैं। अपनी इसी रणनीति के तहत वह उत्तर प्रदेश सहित समूचे देश में रह-रह सभी धर्म जातियों और समुदायों का समर्थन हासिल करने का कोई भी मौका नहीं चूकते। लेकिन विभिन्न धर्मों और जातियों के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में शामिल होकर उनकी परंपरागत टोपियों को धारण कर वह मुस्लिम, सिख, हिंदू और अन्य धर्म के मानने वालों को टोनी पहनाने का काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी उक्त समुदायों की वास्तविक समस्याओं को हल करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं। कांगे्रस पार्टी की तुष्टिकरण की नीतियों का ही फल है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब जैसे राज्यों में उसको इन धर्मों के बहुसंख्यक लोगों का समर्थन हासिल नहीं है। मुस्लिम समुदाय के तथाकथित ठेकेदार कांगे्रस पार्टी के प्रधानमंत्री पद के भावी उम्मीदवार राहुल गांधी को रोजा इफ्तार पार्टी और अन्य धार्मिक समारोहों में बुलाकर अपने निजि स्वार्थों की पूर्ति करने के सिवा कुछ भी नहीं करते। कौम को इन टोपीबाज नेताओं और उनके चाटुकारों से होशियार रहने की जरूरत है। राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को शिद्दत के साथ प्रस्तुत करें और समाज के दबे-कुचले और वंचित लोगों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए कार्य करें। कांगे्रस पार्टी जो कि हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी समुदायों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने तथा इनको तरक्की के सामान अवसर देने की बात करती है लेकिन वास्तविक तौर पर कांगे्रस की इन बातों में कोई दम नजर नहीं आता। इसका इस बात का जीता जागता उदाहरण व्यापारिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में मुस्लिम समाज की बद्तर स्थिति लगाया जा सकता है। केन्द्रीय सत्ता पर आसीन कांगे्रस पार्टी ने सच्चर समिति की रिपोर्ट तैयार कर मुस्लिम समाज की हैसियत और औकात बताकर उन्हें पहले ही खासा जलील कर दिया है। आर्थिक सहायता के नाम पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ ही राहुल गांधी सार्वजनिक तौर पर चाहे कितना ही कहते रहें कि बैंकों से कर्ज के मामले में मुस्लिम समाज को तरजीह दी जाए। मगर आज मुसलमानों को व्यापार, शिक्षा और व्यवसाय करने के लिए बैंकों से कितनी आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है यह जग जाहिर है।
मुस्लिम समाज के लोगों को तथाकथित ठेकेदारों से सावधान रहते हुए कांगे्रस महासचिव राहुल गांधी की टोपीबाजी की राजनीति से सावधान रहने की जरूरत है। राहुल गांधी स्वयं उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद हैं और 'टोपीबाज़ी का क्या अर्थ सामाजिक तौर पर लगाया जाता है इसका ज्ञान उनको होगा ही।
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