मंगलवार, 7 सितंबर 2010
मुस्लिम कौम की बहुत खिदमत कर रहे हैं 'सिराजुद्दीन कुरैशी'
हिंद ग्रुप ऑफ कंपनीज और इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी दुनिया के उन चुनिंदा 250 उद्योगपतियों में से एक हैं जिनको अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों पर वाशिंगटन में आयोजित उद्योगपतियों के सम्मेलन में शिकरत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। श्री कुरैशी की जीवनगाथा किसी फिल्मी पात्र जैसी ही प्रतीत होती है। दिल्ली नगर निगम से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर दिल्ली विश्व विद्यालय से कानून की शिक्षा प्राप्त करने के बाद सिराजुद्दीन कुरैशी ने राजधानी के निकट पहला मास प्रसंस्कृत प्रोजेक्ट 1979 में लगाया और हिंद ग्रु्रप ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बने। सिराजुद्दीन कुरैशी अपने व्यापार के साथ-साथ शुरू से ही जनसरोकार के लिए भी हर वक्त अपना सहयोग तन मन धन से देते आए हैं। श्री कुरैशी कमजोर तबकों खासतौर से मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों, निर्धनों और कमजोरों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। श्री कुरैशी के व्यक्तित्व की विराटता का परिणाम यह भी है कि इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामले एवं कंपनी मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद को करारी शिकस्त दी। श्री कुरैशी के नेतृत्व में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर की धाक दुनिया के मुस्लिम देशों के साथ-साथ अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका भी जम गई है। एक उद्योगपति के साथ-साथ इस्लामिक जीवन पद्धति के पैरोकार सिराजुद्दीन कुरैशी किसी जनप्रतिनिधि से कहीं ज्यादा मानव सेवा और सामाजिक कार्यों को सरअंजाम देने में जुटे हुए हैं। उनकी इस कामयाबी के पीछे निसंदेह उन लोगों की दुआओं का भी खासा योगदान है जिन लोगों की सहायता श्री कुरैशी ने एक उद्योगपति और जनसेवक की हैसियत से की है। श्री कुरैशी से बातचीत में इस बात का भी पता चला कि वह मुस्लिम समुदाय में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए खासे फिक्रमंद हैं और अपने निजि खर्चे से शिक्षा हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं भले ही वह छात्र किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का ही क्यों न हो।
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